श्रीगोदा रंगनाथ  विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया*

श्रीगोदा रंगनाथ  विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया*

श्रीगोदा रंगनाथ  विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया*

*14 जुलाई को सांयकाल 7 बजे से पुष्प बंगले में प्रभु वैंकटेश के  होंगे मनोहारी दर्शन*

इंदौर । शहनाई वादक की मधुर धुन सखियों द्वारा गीतों का मधुर गान पधारे गोदाजी के द्वार रंगजी , कोई गोदा की नज़र उतारो रे , जादो मत डालो , मुझे रंगनाथ की दुल्हन बना दो , भगवती गोदाम्बजी को कंकड़ ,बाजूबंद , रत्न जडित मालाए , बोर , रत्नों से जडित मुकुट , कमरबंद , चोटिला पायल और भी कई अति सुभाषित अलंकारो से गोपियाँ द्वारा श्रंगारित कर भगवती श्री श्रीदेवी श्री श्री भू देवी को अपने हाथों में  विराजित कर श्री  नागोरिया पीठाधिपति  स्वामी श्री विष्णुप्रपन्नाचार्यजी महाराज,के साथ  अनेकनसंतो  की उपस्थिति में  विवाह मंडप में  पधारी  वही प्रभु रंगनाथ घोड़े पर सजधज कर गदा , पदम् , कटार , धारण कर दूल्हा बन के गोविंदा - गोविंदा के जयघोष के साथ बारात में निकले
साथ ही बाजे गाजे व् ढोलक की थाप पर सभी युवा,युवतियां डांडिया, मटकी , रास करने में मध्मस्त थे साथ ही अश्व  पर विराजे प्रभु वेंकटेश को भी ढोलक की थाप पर बहुत नचाया गया सारे बाराती, व घराती तक  पुरषो से लेकर महिलाओं तक  साफे  में सजेधजे नजर आ रहे थे

विवाह वधु पक्ष यजमान हैदराबाद से पधारे नागोरिया शिष्य वृन्द परिवार,ने वर पक्ष रमेश चितलांगया परिवार, का स्वागत सत्कार किया  भटर स्वामी द्वारा विवाह का संकल्प कराया गया।  
श्री वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला के आचार्य व् विद्यार्थियों द्वारा गोदा स्तोत्र , गुरु परंपरा , अल्वान्दर  स्तोत्र , वेंकटेश स्तोत्र , तिरुपावे  का पाठ किया  जा रहा था साथ ही भजन गायक *द्वारकादास  मंत्री* के भजनों की मधुर धुन पर वेंकट रमण गोविंदा गोविंदा,पधारो म्हारे देश,के साथ मेहंदी लगी महार हाथा में,चांदी चांदी हो गयी,रंग जी बना की गोधा बानी रे दुल्हनिया और नगरी आज रंगजी दोड़ - दोड़कर , बहारो फूल बरसाओ मेरे रंगनाथ आये हे की धुन पर सभी सजी धजी महिलाओं ने खूब जमकर आनंद लिया

वही प्रभु रंगनाथ ने तोरण लगाकर विवाह मंडप में बारातियों के साथ प्रवेश किया वधु पक्ष द्वारा भगवती श्रीगोदाम्बजी को गोपियों द्वारा सजाधजा कर विवाह मंडप में विराजमान किया गया भटर स्वामीकी समूह के साथ  भगवान को रक्षा सूत्र बाधने के साथ दक्षिण  भारतीय पद्दति से शुरू हुई विवाह की सभी रस्मे जिसने मामेरा  बरना , वस्त्रों का आधान प्रधान वरमाला,मंगल सूत्र मांग भराई,जूते चुराने के क्रम के साथ व् सात फेरो के साथ विवाह की सभी रस्मे पूरी कराइ गयी विवाह पश्चातश्री स्वामीजी महाज द्वारा प्रभु गोदा रंगनाथ की आरती की गई
सभी भक्तों को बधाई व गोष्ठी
वितरण किया गया।

*निकली अश्व वाहन पर सवारी*हुई परकाल लीला*

रात्रि के सत्र में प्रभु वेंकटेश की अश्व वाहन पर सवारी निकली
जिसमे कलाकारो द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी।
साथ हीं  परकाल स्वामीजी की लीला का चित्रण हुआ जिसमें इस कथा से जुड़े सभी राजा से लेकर डाकू तक पात्रों का बनाया गया था।
जिसमे परकाल स्वामीजी डाकू बनकर भगवान को लूट लिया और भागने लगे उन्हें पकड़कर  पुनः भगवान को समर्पण कर दिया जाता है  इस क्रम का रूपांतरण भी किया गया।

विशेष श्रंगार में प्रभु वैंकटेश ने अकाश में विचरण करते श्री गरुण पर विराजमान होकर भक्तो को दर्शन दिए।

पंकज तोतला ने बताया
इस अवसर पर
इस अवसर पर महेंद्र नीमा भारत तोतला राहुल काबरा अंकित पाठक,निधीश नागोरी,
विजय सोमानी,आशीष बाहेती,
संपत धुत,कैलाश मुंगड,रोहित काकाणी,शरद चिचानी सौरभ नवाल,श्याम सुंदर गिलडा,विजय हेड़ा

*15 जूलाई 2026  के उत्सव* प्रातः 9 बजे से देवस्थान में प्रणय कलह लीला होगी जिसमें भगवान की सवारी निकलेगी।लक्ष्मीजी भगवान के ऊपर माखन फेंकेगी,गेंद से खेलेंगे भगवान अनेक प्रकार के वस्त्र बदलेंगे।।प्रभु की इस प्रणय कलह लीला का सुंदर चित्रण किया जाएगा

सायंकाल 7 बजे से होंगे पुष्प बंगला में प्रभु वेंकटेश के मनोहारी दर्शन जिसमे हजारो भक्त कतारबद्ध हो प्रभु के दर्शन करेंगे।
साथ ही प्रख्यात श्री राधाकृष्ण जी महाराज के भजनो की दिव्य प्रस्तुति होगी।
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